पिथौरागढ़: जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप ने जनपद के सभी शासकीय कार्यालयों में सावधानी बरतने के लिए की नई गाइडलाइन जारी

दीपक जोशी की रिपोर्ट;
पिथौरागढ़; 16 अप्रैल 21: वर्तमान में देश के विभिन्न प्रदेशों में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत राज्य के भीतर कोरोना संक्रमण के प्रभावी रोकथाम हेतु उत्तराखंड शासन के निर्देशानुसार जिलाधिकारी आनन्द स्वरूप द्वारा जनपद के सभी शासकीय कार्यालयों में सावधानी बरतने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को कार्यालयों में गाइड लाइन का शत प्रतिशत अनुपालन कराने के निर्देश दिये गये हैं। शासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार सभी कार्यालयों को साफ-सुथरा रखने हेतु कीटाणु नाशक रसायन का प्रयोग, सभी प्रवेश द्वारों, दरवाजों, फर्श, खुला क्षेत्र, सीढ़ियों, रेलिंग, गलियारों, कुर्सियों, मेजों, पूछताछ एवं कैश काउण्टर्स, दीवारों, सतहों, लिफ्ट, सभागारों, बरामदों, कैण्टीन्स, शौचालयों, वाटर पाॅइन्ट्स आदि में सप्ताह में कम से कम दो बार अनिवार्य रूप से किया जाये। प्रत्येक दिन कम से कम दो बार कीटाणु नाशक फिनायल द्वारा कार्यालयों के फर्श, गलियारे, शौचालयों, सिंक, वाॅटर पाॅइंट आदि को सेनिटाइज किया जाये। पानी के टैंकों को पूर्ण रूप से स्वच्छ एवं कीटाणु रहित रखा जाये और टैंको में रूके हुए पानी को निकालकर स्वच्छ व ताजा पानी भरा जाये। कार्यालयों के सभी वाॅटर फिल्टर्स की सर्विस अधिकृत सर्विस प्रोवाइडर द्वारा कराया जाना सुनिश्चित किया जाये तथा पीने के पानी की शुद्धता की जाॅच भी करवायी जाये। सभी कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर हैण्ड सेनिटाइजर एवं हैण्ड वाॅश की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाये और प्रत्येक व्यक्ति द्वारा कार्यालय में प्रवेश से पूर्व हाथों को अनिवार्य रूप से सेनेटाइज किया जाये व शौचालयों में लिक्विड साॅप, टिश्यू पेपर्स, पानी की व्यवस्था सुनिश्चित रहे। कार्यालयों में ताजी हवा एवं खुला वातावरण रखा जाये तथा एयर कण्डीशनर व पंखों की साफ-सफाई व सही रख-रखाव किया जाये। किसी भी प्रकार की एयर कन्डिशनिंग का इस्तेमाल न किया जाये तथा नितान्त अपरिहार्य परिस्थिति में इस विषय पर भारत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुसार ही किया जाये।

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जिलाधिकारी ने कहा है कि सभी कार्यालयाध्यक्ष कार्यालयों के खुलने एवं बन्द होने तथा मध्यान्ह भोजन का समय भी निर्धारित करेंगे ताकि परिसर के अन्दर अथवा बाहर भीड़ न हो। प्रत्येक परिसर, कार्यालय, वेटिंग रूम, विजिटर लाॅबी आदि में सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये और भीड़-भाड़ बिल्कुल न की जाये व बैठने के लिए दो कुर्सियों के बीच की दूरी कम से कम छः फीट होनी चाहिए। यथा संभव सीढ़ियों का उपयोग किया जाये, लिफ्ट का प्रयोग करने की दिशा में लिफ्ट के साइज के अनुसार दो या चार व्यक्तियों से अधिक एक बार में उपयोग न किया जाये। कार्यालयों में मुख्य प्रवेश द्वार पर थर्मल स्केनिंग के लिए पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। कार्यालय में अनावश्यक आगन्तुकों का प्रवेश पूर्णतः वर्जित रहेगा। कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पहचान पत्र अपने साथ रखना अनिवार्य रहेगा तथा कार्यालय में प्रवेश के समय सुरक्षाकर्मियों को चैकिंग के समय पहचान पत्र दिखाया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नागरिक को अपने स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में स्वयं संतुष्ट होना चाहिए तथा उसे यह भी देखना होगा कि उसके परिवार के किसी सदस्य अथवा आस-पास एवं प्रियजन कोविड-19 से ग्रसित तो नहीं है एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा उसको क्वारंटाइन में रखने के लिए तो नहीं कहा गया है। कार्यालय परिसर में गुटका, पान, तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट का सेवन एवं थूकना पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा। मास्क एवं फेस कवर का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाये। कार्यालयों, कार्यालय परिसरों, कैण्टीन, किचन आदि में डस्टबिन को ढक कर रखा जाये तथा कूड़ा करकट डस्टबिन में ही डाला जाय। कैण्टीनों द्वारा कोविड-19 के सम्बन्ध में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जायेगा। कार्यालय समय के दौरान कार्यालयों के दरवाजों को खुला रखा जाये ताकि दरवाजों को बार-बार छूना न पड़े। अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विशेषतः पानी की बोतल, चाय, मग अपने घर से ही लाया जाये। कैण्टीन द्वारा चाय, काॅफी, पानी आदि के लिए डिस्पोजल कप का ही इस्तेमाल किया जाये। कार्यालयों, सभागारों में बैठकों या समारोह इत्यादि का आयोजन न किया जाये और यदि संभव हो सके तो बैठकों के लिए वीडिया काॅन्फ्रेंसिंग का ही उपयोग किया जाये। खांसी, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ के लक्षण वाले अधिकारी एवं कर्मचारी को कार्यालय में न बुलाया जाये तथा उसे अनुमन्य अवकाश स्वीकृत किया जाये, ऐसें कर्मचारियों के द्वारा अपनी बीमारी की सूचना अनिवार्य रूप से अपने उच्चाधिकारियों को दी जाये और चिकित्सकीय परामर्श के पश्चात ही किसी दवाई का सेवन किया जाये। कार्यालय में कर्मचारी अभिवादन एवं शिष्टाचार में हाथ न मिलायें व अन्य गैर सम्पर्क तरीकों का ही उपयोग करें। खांसते अथवा छींकते समय अपने मुॅह एवं नाक को रूमाल से ढकें। कार्यालय में खुले एवं असुरक्षित व बाहर से मंगाये खाद्य पदार्थों का सेवन बिल्कुल न किया जाये। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु एप का इस्तेमाल सभी कार्मिकों के लिए अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त समय-समय पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं यूएसडीएमए विभाग द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाये।

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जिलाधिकारी ने सभी कार्यालयाध्यक्षयों व अन्य संस्थानों के प्रमुखों को निर्देशित किया है कि वे शासन द्वारा गाइड लाइन का अनुपालन करने के साथ ही अपने अधीनस्थों से भी कराएं।