कर्नाटक में टीपू जयंती को लेकर कई जगह विरोध प्रदर्शन, धारा-144 लागू

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नई दिल्ली: मैसूर के शासक टीपू सुल्‍तान की जयंती समारोह पर सियासी घमासान चरम पर है। इस बीच बीजेपी के विरोध के बावजूद कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। हालांकि बीजेपी ने काफी समय पहले से ही आगाह कर दिया था कि वे टीपू जयंती समारोह का विरोध व्यापक स्तर पर करेंगे। कर्नाटक के कई शहरों में धारा-144 लागू कर दी गई है। इस बार जयंती पर कई कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। हर साल की तरह इस साल भी टीपू जयंती पर राजनीति गरमा गई है। पुलिस ने बीजेपी के कई नेताओं को हिरासत में लिया है। उधर, भारी विरोध और प्रदर्शन के बीच आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदर्शन को देखते हुए सड़कों पर गाड़ियां नहीं चल रही हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं, ऐसे में कई जगहों पर सड़कों पर सन्नाटा भी पसरा है। कोडागू और विराजपत सहित कई इलाके प्रभावित हैं।

 

वहीं स्वास्थ्य कारणों से मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अपने आप को इस समारोह से अलग कर लिया है। उनकी पार्टी जनता दल-सेकुलर भी समारोह से दूरी बनाए हुए है। माना जा रहा है कि विवाद से बचने के लिए सीएम ने जानबूझकर इस कार्यक्रम से खुद को अलग कर लिया है। मुख्‍यमंत्री कार्यालय से जारी सूचना के मुताबिक कुमारस्वामी की तबीयत खराब है और डॉक्टरों ने उन्हें तीन दिनों तक आराम करने की सलाह दी है। उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता जी. परमेश्वरा राज्य सचिवालय में समारोह का उद्घाटन किया। टीपू जयंती पर भाजपा के विरोध को देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि टीपू सुल्तान की जयंती को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बेंगलुरु, मैसूर, कोडागू और मंगलुरु में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बता दें कि टीपू सुल्तान की जयंती 10 नवंबर को होती है और इस मौके पर कर्नाटक में उनकी जयंती समारोह मनाई जा रही है।

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