मुख्यमंत्री ने की कुम्भ मेला कार्यो की समीक्षा, अधिकारियों को दिये कार्य समय पर पूर्ण करने के निर्देश

देहरादून: मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगामी कुम्भ मेले को सुरक्षित व व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागाध्यक्षों को प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कुंभ मेले के कार्यों के संबंध में सभी आवश्यक स्वीकृतियों, कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि कुंभ मेले के संपन्न होने के पश्चात इस संबंध में कोई अनावश्यक विवाद की स्थिति ना उत्पन्न हो।
उन्होंने कोविड-19 के दृष्टिगत कुंभ मेले के लिए स्पेशल कोविड ऑफिसर तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेले के कार्यो के लिये मेला अधिकारी को 2 करोड़ तथा आयुक्त गढ़वाल मंडल को 5 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति के अधिकार प्रदान करते हुए आयुक्त के स्तर पर स्वीकृत होने वाले कार्यों के लिए अनुभवी अभियंताओं एवं वरिष्ठ वित्त अधिकारी की समिति गठित करने के भी निर्देश दिए जो आयुक्त को कुम्भ व्यवस्था की   स्वीकृति जारी करने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों से सभी स्थाई निर्माण कार्यों को 31 जनवरी से पूर्व पूर्ण करने तथा अस्थाई निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कुंभ कार्यों को पूर्ण करने में कोई कठिनाई न हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए, उन्होंने इसके लिए विभागीय सचिवों को भी कार्यों की निरंतरता के साथ अनुश्रवण के निर्देश दिए।

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शनिवार को सचिवालय में कुम्भ मेले की व्यव्स्थाओं के सम्बन्ध में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि कुम्भ के दृष्टिगत विभागीय स्तर पर सम्पादित होने वाली व्यवस्थाओं की एसओपी जारी करने के साथ ही डाक्यूमेन्टेशन पर ध्यान दिया जाय। उन्होंने इस सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता के प्रसार पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने वन भूमि हस्तांतरण के मामलों को भी शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने मेलाधिकारी के साथ ही जिलाधिकारी हरिद्वार को कुम्भ मेले के नोटिफिकेशन के पूर्व होने वाले स्नान पर्वो के सम्बन्ध में सभी तैयारियां समय से सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में सचिव लोनिवि आर0के0सुधांशु ने हरिद्वार को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एवं पुलों के निर्माण की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि रूड़की बाईपास के साथ ही सभी महत्वपूर्ण पुलों का निर्माण कार्य 31 जनवरी से पूर्व कर लिया जायेगा, इसके लिये कार्यदायी संस्थाओं का तेजी से कार्य सम्पन्न करने के निर्देश देने के साथ ही निर्माण कार्यों की निरन्तर निगरानी की जा रही है।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि कोविड 19 के दृष्टिगत कुम्भ मेले में आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने मेलाधिकारी से प्रत्येक दुकान पर मास्क सेनेटाइजर उपलब्ध कराने के साथ ही इस सम्बन्ध में अपनाये जाने वाले सुरक्षात्मक उपायों के लिए जन जागरूकता का प्रसार विभिन्न प्रचार माध्यमों के स्तर पर सुनिश्चित करायी जाय। उन्होंने कहा कि कोविड हास्पिटल के साथ ही कोविड सेन्टरों की स्थापना, कोविड कन्ट्रोल रूम आदि का डाटा बैस मैनेजमेंट के साथ ही पूरे क्रियाकलापों का डाक्यूमेंटेशन किया जाय। उन्होंने कहा कि उपकरणों आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जाय, इसके लिए यदि धनराशि की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव शीघ्र भेजा जाय। उन्होंने कुंभ मेले में कार्य करने वाले कार्मिकों के वेक्सिनेशन की रूप रेखा भी तय करने की अपेक्षा मेलाधिकारी से की।
सचिव नगर विकास शैलेश बगोली ने बताया कि कुम्भ मेले के अन्तर्गत विभिन्न विभागों के स्तर पर 473 करोड़ लागत के 124 निर्माण कार्य किये जा रहे हैं, जिनका निरन्तर अनुश्रवण किया जा रहा है।

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वहीँ मेलाधिकारी दीपक रावत ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से अवगत कराया कि कुम्भ मेला क्षेत्र का ड्रेसिंग व लेबिलिंग कार्य, अस्थायी निर्माण कार्यो, टिन टेन्टेज, अस्थायी पुलों के निर्माण के साथ ही साफ सफाई आदि के लिये आवाश्यक उपकरणों के क्रय की कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस महानिरीक्षक, कुम्भ मेला संजय गुंज्याल ने मेले में पुलिस विभाग द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेले के लिये सुरक्षा की दृष्टि से 6 जोन, 24 सेक्टर, 21 थाने, 9 पुलिस लाइन, 23 पुलिस चौकी, 25 चैक पोस्ट के साथ ही आवश्यकतानुसार राज्य व केन्द्रीय पुलिस बलों की तैनाती की व्यवस्था की जा रही है। सुरक्षा की दृष्टि से आधुनिक संचार प्रणाली के उपयोग पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में नगर विकास मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव ओम प्रकाश, सचिव वित्त सौजन्या, आयुक्त गढ़वाल रविनाथ रमन के साथ ही सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।