इन कर्मचारियों के ग्रेड पे वेतन को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश…

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नैनीताल: हाईकोर्ट ने अशासकीय विद्घालय के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों को ग्रेड पे वेतन शासकीय लिपिकीय कर्मचारियों की भांति देने के निर्देश सरकार को दिए हैं। न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मामले के अनुसार, नैनीताल  निवासी नारायण दत्त पांडे व ऊधमसिंह नगर निवासी मनोरथ पांडे ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि लिपिकीय संवर्ग में अशासकीय विद्घालय में ‌कनिष्ठ व वरिष्ठ सहायक के पद पर 1994 से कार्यरत है। याचिका में कहा कि उत्तराखंड शासन की ओर से 16 जनवरी 2013 को शासनादेश जारी कर शासकीय विद्घालयों में कनिष्ठ सहायक एंव प्रवर सहायता प्राप्त अशासकीय विद्घालयों में ग्रेड पद नाम व ग्रेड पे को 20 अक्टूबर से लागू किया गया। य‌ाचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि विभाग से बार बार निवेदन के बाद भी उनके प्रकरण पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि इसी प्रकार के एक अन्य वाद में 23 मार्च 2018 को जिला हरिद्वार में अशासकीय कर्मचारियों को ग्रेड वेतन व पद नाम दोनों देने के निर्देश पारित किए है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने इस आधार पर कहा कि अशासकीय विद्घालय के लिपिकीय वर्ग के कर्मचारियों को भी 1 जनवरी 2013 से शासकीय लि‌पिकीय कर्मचारियों की भांति ग्रेड पे दिया जाए।

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