तीन बच्चे हैं तो नहीं बन पाएंगे चेयरमैन

Please Share

गैरसैंण: अगर दो से ज्यादा बच्चे हैं और आप आने वाले नगर निकाय चुनाव में नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत चेयरमैन और नगर निगम का मेयर बनाना चाह रहे हैं, तो आप अपना इरादा बदल दीजिए। जी हां आप बिल्कुल पढ़ रहे हैं। सरकार ने उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916)(संशोधन) अधिनियम 2002 में संशोधन के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। प्रदेश में यह अधिनियम पहले ही लागू हो रखा है। यह बात अलग है कि उस पर अमल आज तक नहीं हुआ।

दरअसल, उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916)(संशोधन) अधिनियम 2002 में संशोधन पर विधायक धन सिंह नेगी ने विधानसभा बजट सत्र के दौरान इस अधिनियम में संशोधन पर सवाल उठाया था, जिसके जवाब में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। विधेयक में जो प्रावधान हैं। वह पहले की तरह ही रहेंगे। अगर ऐसा हुआ तो कई नेताओं के सपने चकनाचूर हो जाएंगे।

सख्ती हुई और सरकार ने अधिनियम का पालन कराया तो सपने धरे के धरे रह जाएंगे। अधिनियम के मुताबिक नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों में दो बच्चों वाले अभिभावक ही चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में इस अधिनियम में संशोधन का कोई विचार नहीं है। इससे एक बात तो तय है कि विधेयक को लेकर जरूर राजनीति गरमाएगी। कई लोगों को इससे परेशानी होनी तय है। देखना यह होगा कि सरकार का इस पर कैसा रुख रहता है।

You May Also Like

Leave a Reply