विजय दिवस: शहीद स्थल स्मारक तहसील परिसर बागेश्वर में श्रृद्धांजलि कार्यक्रम हुआ आयोजित, उपजिलाधिकारी बागेश्वर ने किए श्रृद्धासुमन अर्पित

दीपक जोशी की रिपोर्ट;
बागेश्वर 16 दिसम्बर, 2020: विजय दिवस के अवसर पर सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास बागेश्वर के तत्वाधान में शहीद स्थल स्मारक तहसील परिसर बागेश्वर में श्रृद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें 1971 के भारत-पाक युद्ध में जनपद के 24 शहीद हुए सैनिकों को उपजिलाधिकारी बागेश्वर योगेन्द्र सिंह ने श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि 03 दिसम्बर से लेकर 16 दिसम्बर 1971 के बीच भारत-पाक युद्ध लड़ा गया। 16 दिसम्बर 1971 को भारतीय सैनिकों ने अपने आदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तानी सेना के छक्के छुडाकर विजय प्राप्त की। भारत ने अपने रण कौशल एवं वीर सैनिकों की बहादुरी के बदौलत इस युद्ध को 14 दिनों में समाप्त कर दिया। भारतीय सेना ने आदम्य साहस, उत्तम रण कौशल और उच्च तकनीकी से इस युद्ध को जीत कर 90 हजार पाकिस्तानी सैनिको को बन्दी बना लिया और शिमला समझौते के तहत ही इन युद्धबन्दियों को बाद मे रिहा किया गया ये भारतीय सैनिको की ऐतिहासिक जीत सिद्ध हुइ।
इस युद्ध में हमारे बहुत से सैनिको ने अपना सर्वोच्च बलिदान देश के लिए समर्पित किया आज समूचा राष्ट्र इन बहादुर सैनिको को श्रद्धासुंमन अर्पित करता है। उन्होंने कहा कि तब से इस दिन को प्रतिवर्ष पूरे देश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। उपजिलाधिकारी ने विजय दिवस पर पानुली देवी पत्नी खड़क सिंह, कलावती देवी पत्नी भैरव दत्त, दम्यन्ति देवी पत्नी उमेश सिंह, बिमला जोशी पत्नी के0आर0जोशी वीर शहीद सैनिकों की वीर नारियों को शाल ओढाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विजय दिवस भारतीय सेना के शौर्य व पराक्रम का प्रतीक है देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के लिए समर्पित सेना के हर जवान और शहीद पर राष्ट्र के प्रत्येक नागरिक को गर्व है। देश की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक हमेशा तत्परता के साथ अपना योगदान देते है। देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों द्वारा दिये गये सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद किया जायेगा तथा हम सभी लोगों को आने वाली पीढी को भी देश का महत्व बताते हुए इस बलिदान के लिए बच्चों को सीख देनी होगी।
इस अवसर पर शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी ले0 कर्नल गंगा सिंह बिष्ट ने 1971 भारत-पाक युद्ध के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि 14 दिन तक चले इस युद्ध के बाद 16 दिसम्बर 1971 को पाकिस्तान सेना के 90 हजार जवानों को समर्पण के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने युद्ध में जनपद के 24 शहीद सैनिकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर सहायक जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी आर0सी0तिवारी, अधि0अधि0 नगर पालिका बागेश्वर राजदेव जायसी, नायब तहसीलदार दीपिका आर्या, रणजीत सिंह बोरा, इन्द्र सिंह परिहार, दिलीप खेतवाल, नरेन्द्र खेतवाल, चन्दन नगरकोटी, किशन सिंह मलडा, चन्दन ऐठानी सहित भूतपूर्व सैनिक एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहें।

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