पश्चिम बंगाल से बैंक खाते हैक कर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का मास्टर माईंड कोलकाता से गिरफ्तार, STF एवं साईबर क्राईम पुलिस उत्तराखण्ड की संयुक्त कार्यवाही

देहरादून: बढ़ते साईबर अपराधों के परिप्रेक्ष्य में साईबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है। इसी परिपेक्ष्य में साईबर ठगों द्वारा आम जनता के खातो मे सेंध लगाकर ठगी करने के प्रकरण विभिन्न राज्यो की खबरो में प्रकाशित हो रहे थे।
ऐसे ही एक प्रकरण में चम्पावत निवासी व्यक्ति द्वारा साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज करायी की उन्हे अज्ञात मोबाईल नम्बर द्वारा फोन एवं एस0एम0एस0 के माध्यम से सम्पर्क किया गया तथा इंटरनेट बैंकिग का एक्सेस प्राप्त कर उनके से 30 लाख रुपये की ऑनलाईन निकासी कर दी गयी है, जिसके सम्बन्ध में वादी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 20/2020 पंजीकृत किया गया। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुये प्रकरण के अनावरण, अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु विवेचना साईबर थाने में नियुक्त निरीक्षक विकास भारद्वाज को सुपूर्द कर एक टीम का गठन किया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्तो द्वारा प्रयोग किये गये मोबाईल नम्बर, बैंक खातो का विवरण प्राप्त कर विश्लेषण किया गया जिससे जानकारी हुई कि अभियुक्तों द्वारा वादी को जिन नम्बरों से सम्पर्क किया गया था, वे नम्बर पश्चिम बंगाल राज्य के होने पाये गये। बैंक खातों की जानकारी की गयी जिससे पुलिस को पता चला कि साईबर अपराधियो द्वारा पश्चिम बंगाल के 02 बैंक खातों का प्रयोग करते हुये धोखाधड़ी से 30 लाख की धनराशि स्थानान्तरित की गयी है। इन खातो के बैंक स्टेटमैन्ट का अवलोकन करने पर उक्त बैंक खातो से धनराशि अन्य बैंक खातो में स्थानान्तरित होनी पायी गयी। घटना में प्रयुक्त हुये बैंक खातों में कुछ माह की अवधि में ही लगभग 01 करोड़ से अधिक की धनराशि का लेनदेन होना पाया गया। प्रकरण में निरीक्षक विकास भारद्वाज के नेतृत्व में एक पुलिस टीम को अभियुक्तो की सुरागरसी, पतारसी एव गिरफ्तारी हेतु पश्चिम बंगाल भेजा गया। पुलिस द्वारा उक्त अभियोग में संलिप्त 01 अभियुक्त को चिन्हित कर पश्चिम बंगाल के दूरस्थ जनपद 24 परगना से गिरफ्तार किया गया है। अभियुक्त शातिर किस्म का साईबर अपराधी है और मास्टर माइंड भी। जिसके द्वारा विभिन्न राज्यो के कई व्यक्तियो को इसी प्रकार ठगी का शिकार बनाया है।
STF/साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन की टीम द्वारा अथक मेहनत व लगन से देश भर में ‘खातो में सेंध लगाकर ठगी करने वाले संगठित गिरोह के सरगना (Master Mind) को देहरादून से लगभग 1600 कि.मी. दूर जाकर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
अभियुक्तगण आम जनता को फोन के माध्यम से सम्पर्क कर उन्हे अपनी बातो के झांसे मे लेकर उनका नेट बैंकिंग का एक्सेस प्राप्त करते है तथा धनराशि अपने तथा गिरोह के अन्य सदस्यो के खातो में स्थानान्तरित करते है।
गिरफ्तार हुए अभियुक्त का नाम अनिकेत चक्रबोर्ती पुत्र असित बरन चक्रबोर्ती जो प्रतापाकितया रोड बरसात-1, नोए पारा बरसात नार्थ 24 परगनास, वेस्ट बंगाल का रहने वाला है। गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक विकास भारद्वाज, मुख्य आरक्षी (प्रो0) सुनील भट्ट,  कानि0 मनोज बेनीवाल व आरक्षी नरेश चन्द्र शामिल थे।
प्रभारी, एस0टी0एफ0, उत्तराखण्ड द्वारा जनता से अपील की है कि किसी भी अंजान व्यक्ति द्वारा भेजे गये किसी भी पेमेन्ट गेटवे /वॉलेट/मोबाईल एप्लीकेशन पर धनराशि प्राप्त करने हेतु QR कोड स्कैन न करें, कभी भी किसी से अपने डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड की जानकारी शेयर न करें तथा किसी भी प्रकार के अन्जान लिंक पर क्लिक न करें, कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून से सम्पर्क करें।