बीजेपी की संस्कृति में खुद चुनौती स्वीकार करने के बावजूद भागने की है- मनीष सिसोदिया, उपमुख्यमंत्री दिल्ली सरकार, किया मुख्यमंत्री की विधानसभा डोईवाला में एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय का भी दौरा

देहरादून, 4 दिसंबर, 2021: बीजेपी की संस्कृति में खुद चुनौती स्वीकार करने के बावजूद भागने की है, जबकि भारतीय संस्कृति कहती है अगर चुनौती दी है, या स्वीकार किया है, तो सामना करना चाहिए। ये बात कही, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने, जिन्होंने आज देहरादून के आईआरडी टी ऑडिटोरियम में मदन कौशिक का लगभग एक घंटा इंतज़ार किया। वहीं उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से खुली बहस करने नहीं पहुंचे।
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ठीक सुबह 11 बजे देहरादून स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम पहुंचे। आम आदमी पार्टी ने पहले ही कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को पत्र के माध्यम से सूचना भेज दी थी, जिस पर पहले तो मदन कौशिक ने चुनौती स्वीकार की, लेकिन बहस में नहीं पहुंचे। इस कार्यक्रम मंच पर एक कुर्सी मदन कौशिक के लिए लगवाई गई थी, ताकि उत्तराखंड में हुए विकास पर दोनों ही पार्टी के नेताओं में खुली बहस हो। लेकिन मदन कौशिक के ना पहुंचने पर सिसोदिया ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने बीजेपी सरकार के मुखिया से सिर्फ पांच किए हुए कार्य गिनवाने को कहा था और शासकीय प्रवक्ता ने कहा था कि 5 नहीं पूरे 100 काम गिनवाएंगे। लेकिन जब खुली बहस का समय आया, तो कौशिक जी भाग खडे हुए। इसका सीधा से मतलब है कि, उनकी सरकार ने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है, जिस पर वो खुली बहस कर सकने में सक्षम है। मनीष सिसोदिया ने खुली बहस के लिए कैबिनेट मंत्री का लंबा इंतजार किया, लेकिन शुरु से आखिर तक कुर्सी खाली ही पडी रही। जिस पर सिसोदिया ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अब विश्वास हो गया है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री जीरो वर्क सीएम हैं। उन्होंने ये भी कहा कि भारत की संस्कृति चुनौती का सामना करने की है, जबकि बीजेपी की संस्कृति चुनौती देकर भाग जाने की है। इसके बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि वो पहले ही पत्र के माध्यम से मंत्री को खुली बहस का निमंत्रण भेज चुके थे और चुनौती स्वीकार करने के बावजूद भी मंत्री मदन कौशिक बहस में शामिल नहीं हुए, जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार काम की दुहाई देती है, लेकिन अगर वाकई में विकास हुआ है तो क्यों मंत्रीजी बहस में नहीं आए।
उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद थी, कि इस खुली बहस में मदन कौशिक आंएंगे लेकिन वो नहीं आए। लेकिन शायद मदन कौशिक की अगर दिल्ली आने की इच्छा है तो उन्हें पहले ही निमंत्रण भेजा जा चुका है और जब वो दिल्ली आंएगे तो उन्हें मैं खुद से सरकारी स्कूल दिखाउंगा जहां के बच्चे आईआईटी में निकले हैं, वहां के अस्पताल दिखाए जाएंगे जहां लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है और साथ ही उन तमाम लोगों से मिलाने का काम करेंगे जो लोग आज आप पार्टी की योजनाओं से लाभान्वित हो रही है। उन्होंने कहा कि ये देश का दुर्भाग्य है कि, कैसे बीजेपी लोकतंत्र की हत्या कर रही है। बीजेपी ने राजनीति को गलत दिशा में मोड दिया है, जिसे जनता समझ चुकी है और जल्द ही बीजेपी को इसका जवाब जनता खुद देगी। उन्होंने कहा कि आज बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ये कह रहे हैं कि, कांग्रेस के आधे से ज्यादा विधायक उनके संपर्क में हैं, इससे यह स्पष्ट होता है कि जनता को कैसे ये राजनीतिक पार्टियां बरगला रही हैं। जनता कांग्रेस को वोट देती है लेकिन बीजेपी जोडतोड से सरकार बना लेती है। पूरे देश में यही आलम है, जो भारतीय राजनीति के लिए बहुत घातक है।
मनीष सिसोदिया ने इस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री की विधानसभा डोईवाला में मौजूद एक राजकीय प्राथमिक विद्यालय जीवनवाला का भी दौरा किया। इस विद्यालय में पहुंचे सिसोदिया ने पाया कि, स्कूल के शौचालय में दरवाजे नहीं थे, गंदगी पसरी पडी थी। स्कूल की चाहरदीवारी भी टूटी हुई थी। इसके साथ ही भवन की हालत काफी जर्जर थी। सिसोदिया ने कहा कि ये हाल तो मुख्यमंत्री की विधानसभा के स्कूल का है और स्कूलों के क्या हालात होंगे ये लोग बखूबी जानते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता को विकास चाहिए लेकिन यहां की सरकारों ने सिर्फ यहां भ्रष्टाचार और लूट को बढावा दिया है जिसे अब यहां की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने यहां से दिल्ली के लिए प्रस्थान करते हुए एक बार फिर उम्मीद जताई कि आगामी 6 जनवरी को उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री से उनकी भेंट दिल्ली में हो और विकास के नाम पर एक खुली और अच्छी बहस हो सके।