बोर्ड की परीक्षाएं इसबार जनवरी या फरवरी में नहीं होगी – शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को शिक्षकों के साथ ऑनलाइन संवाद किया। इस दौरान उन्होनें कहा कि इसबार बोर्ड की परीक्षा जनवरी या फरवरी में नही होगी। इसके बाद ही परीक्षा आयोजित की जाएगी। पोखरियाल ने कहा कि 15 फरवरी से मार्च मध्य तक परीक्षा होती थी लेकिन जो परिस्थितियां हैं, इन परिस्थितियों में जनवरी-फरवरी में ये परीक्षा संभव नहीं है। उन्होनें कहा कि फरवरी के बाद हम परीक्षा कब करवाएंगे इसपर हमें और विचार विमर्श करने की जरूरत पड़ेगी। कोई अपडेट होता है तो हम आगे आपको बताएंगे। 
इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षा से जुड़ी जनवरी में होने वाली वाली अन्य प्रक्रियाओं को भी अतिरिक्त समय दिया जाएगा। मंगलवार को बोर्ड परीक्षाओं के विषय में जानकारी देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा, “बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया अब जनवरी-फरवरी में आरंभ नहीं की जाएगी।” गौरतलब है कि फरवरी के अंतिम सप्ताह में बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो जाती हैं। वहीं जनवरी माह के दौरान कई प्रकार की प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।

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डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को शिक्षा संवाद के 22वें संस्करण के तहत शिक्षकों के साथ लाइव इंटरैक्शन में ऑनलाइन शिक्षा, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, मूल्यांकन के स्वरुप, शिक्षकों की ट्रेनिंग और शिक्षा संबंधी अन्य मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की। इस शिक्षा संवाद में देश भर के हजारों शिक्षकों ने हिस्सा लिया और शिक्षा के विभिन्न मुद्दों पर कई सवाल किए, जिसके जवाब देकर शिक्षा मंत्री ने विस्तार में दिए। 
सीबीएसई, बोर्ड की परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं होंगी। 2021 में होने वाली यह परीक्षा छात्रों को पहले की तरह कागज पर पेन से ही देनी होगी। सीबीएसई अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि बोर्ड की परीक्षाओं को ऑनलाइन करवाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह परीक्षाएं बीते वर्षो की तरह ही लिखित रूप में ली जाएंगी जिसकी इसकी डेट अभी तय नहीं हुई है। कई अभिभावक चाहते हैं कि बोर्ड परीक्षाओं की तारीख लगभग 3 महीना आगे बढ़ा दी जाए। अभिभावकों ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाने के संबंध में शिक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव भी भेजा है।
वहीं शिक्षकों से संवाद को लेकर केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा, “मैं हमेशा से ही शिक्षकों के साथ बातचीत करने, उनकी आशाओं और आकांक्षाओं को समझने और उसके अनुसार काम करने के लिए उत्सुक रहा हूं। जब मैं शिक्षकों की बात करता हूं, तो मैं एक शिक्षक के रूप में अपने प्रारंभिक वर्षो की याद ताजा करता हूं।

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