संजय धोत्रे, राज्य मंत्री, शिक्षा, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी का देहरादून दौरा, उत्तराखंड में इंटरनेट सुविधाओं व मोबाइल नेटवर्क को लेकर हुई अहम बैठक

देहरादून: संजय धोत्रे, राज्य मंत्री, शिक्षा, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने देहरादून की यात्रा पर देव भूमि उत्तराखंड में इंटरनेट सुविधाओं और मोबाइल नेटवर्क के प्रसार के संबंध में दूरसंचार विभाग, बीएसएनएल और बीबीएनएल के अधिकारियों के साथ 27 नवंबर 2020 को विस्तृत चर्चा की। समीक्षा में उत्तराखंड के दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्रों में यू.एस.ओ. (सार्वभौमिक सेवा दायित्व) निधि द्वारा वित्तीय सहायता से मोबाइल टावरों की स्थापना की प्रगति, भारतनेट परियोजना के तहत ग्राम पंचायतों और गांवों के लिए ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान (एन.बी.एम.) के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी शामिल थे।
उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड के प्रवासी निवासी जो घर से काम कर रहे हैं और छात्र जो वर्तमान COVID-19 स्थिति में ऑनलाइन कक्षाओं में भाग ले रहे हैं, की जरूरतों को पूरा करने के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के प्रावधान पर जोर दिया। बैठक में यह बताया गया कि उत्तराखंड में 27,108 मोबाइल बेस स्टेशन काम कर रहे हैं। इनमें से 18,598 (70%) 4G तकनीक के हैं जो हाई स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। बीएसएनएल ने हाल ही में नीती घाटी के मलारी क्षेत्र में मोबाइल सेवाओं को स्थापित और लॉन्च किया है। ग्यारह ब्लॉक जिनमे डुंडा (उत्तरकाशी), लोहाघाट (चंपावत), कालसी (देहरादून), दुगदा (पौड़ी गढ़वाल), खिर्सू (पौड़ी गढ़वाल), गदरपुर (उधम सिंह नगर), डोईवाला (देहरादून), पोखरी (चमोली), खानपुर (हरिद्वार), बागेश्वर और चंपावत शामिल हैं, उनमे तीस 4G मोबाइल टावर्स के रोल आउट परीक्षण जल्दी होने वाला है।
बैठक में यह भी बताया गया कि यू.एस.ओ. परियोजना के तहत चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, और उत्तरकाशी के सीमावर्ती क्षेत्रों में अट्ठाइस 4G मोबाइल टावर्स की योजना बनाई गई है। इनमें से 22 साइटों को अधिग्रहित किया जा चुका है और 11 स्थलों पर टॉवर स्थापना का काम चल रहा है। इन क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी से हमारी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा कर रहे अर्धसैनिक और रक्षा कर्मियों को अपने परिवार के संपर्क में रहने में मदद मिलेगी। ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए और मोबाइल टॉवर की स्थापना हेतु अनुमति के लिए, उत्तराखंड राज्य सरकार ने अपनी तार मार्ग के अधिकार (RoW) नीति को दूरसंचार विभाग के दिशानिर्देशों के अनुरूप निर्गत कर चुकी है और आवेदनों की शीघ्र मंजूरी के लिए ऑनलाइन RoW वेबपोर्टल (सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम-SWCS) लॉन्च किया है।
उत्तराखंड के दूरदराज और कठिन क्षेत्रों में टेलीकॉम नेटवर्क में इस विस्तार के साथ, स्थानीय लोग टेली-मेडिसिन और टेली-शिक्षा और घर से काम करने सहित ई-सेवाओं का लाभ लेने के लिए 4G के उच्च गति डेटा नेटवर्क का उपयोग करने में सक्षम होंगे। इससे उत्तराखंड में तीर्थयात्रा, ट्रैकिंग और स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। मंत्री ने दूरसंचार विभाग की उत्तराखंड क्षेत्र इकाई के विभाग प्रमुख एवं उप महानिदेशक(राज्य समन्वय) अरुण कुमार वर्मा को निर्देशित किया कि वे उत्तराखंड राज्य सरकार और सभी दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के साथ समन्वय कर दूरसंचार सेवाओं से वंचित क्षेत्रों को संचार सेवाओं से जोड़ने का प्रयास करें और राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड अभियान के तहत ब्रॉडबैंड के प्रसार के बारे में परिकल्पित लक्ष्यों को पूरा करें ।
बीएसएनएल के छमाही परीक्षा परिणाम में सुधार देखने के बाद, मंत्री जी ने बीएसएनएल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सी.जी.एम. सतीश शर्मा से इस वित्तीय वर्ष के भीतर उत्तराखंड सर्किल को परिचालन लाभ में लाने को कहा। सतीश शर्मा ने ग्राहकों की संतुष्टि पर प्राथमिक ध्यान देने के लिए बीएसएनएल द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहलों को देखते हुए बीएसएनएल को परिचालन लाभ में लाने का आश्वासन दिया। हालांकि, उन्होंने बारिश, भूस्खलन और बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण कार्यों के दौरान राजमार्गों पर ऑप्टिकल फाइबर के संबंध में आने वाली चुनौतियों का विवरण भी दिया। मंत्री ने उत्तराखंड राज्य में बीएसएनएल के लिए ई-ऑफिस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल की यह पहल कागजों के उपयोग को कम करने के साथ-साथ कार्यालय के काम में तत्परता और पारदर्शिता लाएगी और साथ में कागज के निर्माण के लिए पेड़ काटने की आवश्यकता को कम करके पर्यावरण में योगदान करेगी।
बैठक में दूरसंचार विभाग बीएसएनएल बीबीएनएल अरुण कुमार वर्मा, विभाग प्रमुख एवं उप महानिदेशक(राज्य समन्वय), उत्तराखंड क्षेत्र इकाई सतीश शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक, बीएसएनएल उत्तराखंड महेश सिंह निखुरपा, महाप्रबंधक दीपक कुमार, उप महानिदेशक (रूरल) संजय कुमार सिंह, प्रधान महाप्रबंधक सुनील लखेरा, महाप्रबंधक सुमित गुप्ता, निदेशक (कंप्लायंस) पंकज कुमार, महाप्रबंधक विजय कुमार, निदेशक (रूरल) अभिनव कुमार वर्मा, सहायक महानिदेशक (कंप्लायंस) ने भाग लिया।

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