आयुक्त कुमाऊँ मंडल ने की आपदा से हुई क्षति उपरांत पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा, क्षेत्र में दैवीय आपदा से हुई क्षति उपरांत दिए यह महत्वपूर्ण निर्देश

दीपक जोशी की रिपोर्ट;

पिथौरागढ़: जनपद पिथौरागढ़ के सीमान्त क्षेत्र तहसील मुन्स्यारी, बंगापानी एवं धारचूला में विगत दिनों हुई भीषण वर्षा से जन एवं पशु हानि के साथ ही सार्वजनिक व निजी परिसंपत्तियों के नुकशान के साथ ही क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हो गया है। घटना उपरांत प्रशासन की ओर से लगातार राहत, बचाव के साथ ही रिस्टोरेशन के कार्य लगातार जारी हैं।

इन आपदा प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण पर पंहुचे आयुक्त कुमाऊँ मंडल अरविंद सिंह ह्यांकी द्वारा बुधवार को तहसील मुन्स्यारी में क्षेत्र में दैवीय आपदा से हुई क्षति उपरांत चलाए गए राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही क्षेत्र में किए जा रहे पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही तहसील मुख्यालय के विभिन्न क्षेत्रों समेत आपदा प्रभावित गांवों का भ्रमण किया गया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे आपदा प्रभावितों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना।

विकास खण्ड सभागार मुन्स्यारी में क्षेत्रान्तर्गत आपदा से हुई क्षति तथा राहत, बचाव व रिस्टोरेशन कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ह्यांकी ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को नियमानुसार राहत राशि का वितरण करने के साथ ही जो भी सार्वजनिक परिसंपत्ति का नुकशान हुआ है, तत्काल प्रस्ताव तैयार कर पुनर्निर्माण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग व पुलिया के साथ ही जल स्रोतों को भी तत्काल मरम्मत कर उन्हें भी यथाशीघ्र ठीक करा लिया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के उपरांत क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को वैकल्पिक रूप से जोड़कर जो पेयजल ब्यवस्था सुचारू की गई है, उसे स्थाई रूप से निर्माण करने हेतु पेयजल विभाग प्रस्ताव तैयार कर निर्माण की कार्यवाही पूर्ण कर लें। उन्होंने विद्युत विभाग को भी स्थाई रूप से विद्युत ब्यवस्था करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि क्षेत्र में आपदा से जो भी भवन व गांव खतरे की जद में आ गए हैं, तथा जिन परिवारों को वर्तमान में अन्यत्र सुरक्षित स्थानों में शिफ्ट किया गया है, उन परिवारों को सुरक्षित स्थानों में रखे जाने हेतु नियमानुसार प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजना सुनिश्चित करें।

बैठक में आपदा से बंद एवं क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों की समीक्षा के दौरान बीआरओ से आए कर्नल एस बनर्जी ने अवगत कराया कि जौलजीबी से मुन्स्यारी मार्ग को 5 दिन में यातायात हेतु सुचारू कर दिया जाएगा। आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग एवंपीएमजीएसवाई के अधिकारियों को भी एक सप्ताह में सभी बंद सड़क मार्गों को सुचारू करने के साथ ही सभी सड़क मार्गों में बंद कलमठो को खोलने के साथ ही भूस्खलन संभावित सड़क मार्गों में पर्याप्त मशीन व उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सिंचाई विभाग को नदी व नालों के किनारे हो रहे भू कटाव की रोकथाम हेतु प्रस्ताव तैयार कर सुरक्षात्मक कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में आयुक्त कुमाऊं द्वारा प्रशासन की ओर से वर्तमान तक प्रभावितों को वितरित राहत राशि, राहत सामग्री आदि की भी समीक्षा करते हुए जिन प्रभावितों को वर्तमान तक मुआवजा राशि वितरित नहीं की गई है, उन्हें यथाशीघ्र राहत राशि वितरण के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने आयुक्त कुमाऊं को आपदा प्रभावित क्षेत्रान्तर्गत प्रभावितों को वर्तमान तक वितरित राहत राशि, सामग्री के साथ ही दैवीय आपदा से हुई क्षति की जानकारी व आपदा के उपरांत किए गए रिस्टोरेशन कार्यों की जानकारी दी गई।

उन्होंने अवगत कराया कि वर्तमान तक कुल 1 करोड़ 85 लाख 16 हजार की धनराशि आपदा प्रभावितों को वितरित की जा चुकी है, जिसमें से 17 मृतकों के परिजनों को 68 लाख, 14 घायल व्यक्तियों में से 5 घायलों को 38 हजार, 65 परिवारों के 342 मृतक पशुओं में से 39 परिवारों को 7 लाख 88 हजार, पूर्ण क्षतिग्रस्त कुल 81 भवन में 47 परिवारों को 57 लाख 89 हजार रुपये, पूर्ण क्षतिग्रस्त कच्चे 2 भवनों को 1 लाख 81 हजार, आंशिक क्षतिग्रस्त पक्के भवन कुल 37 में से 35 को 1 लाख 77 हजार, 10 गो शालाओं को 21 हजार रुपये वितरण के साथ ही कृषि फसल नुकशान पर 175 व्यक्तियों को 2 लाख रुपये, 283 व्यक्तियों को कुल 9 लाख 33 हजार रुपये की अहैतुक राशि अभी तक वितरित कर दी गई है।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान आयुक्त कुमाऊं, आपदा प्रभावित गांव धापा पंहुचे, जहां उन्होंने दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त गांव का दौरा करने के साथ ही नुकशान का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों को अवगत कराया कि खतरे की जद में आए पूरे गांव का भूगर्भीय सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार विस्थापन आदि की कार्यवाही का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इस हेतु उन्होंने मौके पर ही जिलाधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान आयुक्त ने गांव के विद्यालय व पंचायतघर में रह रहे आपदा प्रभावितों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को, आपदा से हुई क्षति का मुआवजा दिया जाएगा।
क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे, बीआरओ के कमांडर कर्नल एस बनर्जी, अपर जिलाधिकारी आर डी पालीवाल, उप जिलाधिकारी बी एल फोनिया, समेत विभिन्न विभागों के मंडल एवं जिला स्तरीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

जिला
पिथौरागढ़।

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