पिथौरागढ़ जिलाधिकारी ने 20 किलोमीटर पैदल चलकर आपदाग्रस्त क्षेत्रों का किया दौरा, विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी से करने के दिये निर्देश

दीपक जोशी की रिपोर्ट; 

पिथौरागढ़: जिला अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे द्वारा रविवार को जिले के तहसील बंगापानी के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने आपदा प्रभावितों हेतु बनाए गए विभिन्न राहत शिविरों में जाकर आवश्यक ब्यवस्थाओं का जायजा भी लिया और आपदा प्रभावितों से भी मिले तथा उनकी समस्याएं भी सुनी। राजकीय इंटर कालेज बरम में बनाए गए राहत शिविरों में प्रभावितों हेतु बनाए जा रहे अतिरिक्त सौचालयों के निरीक्षण के दौरान उन्होंने सोमवार तक निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग को दिए।

जिलाधिकारी ने राहत शिविरों में रह रहे विभिन्न गांवों के आपदा प्रभावितों हेतु सामुदायिक भोजन ब्यवस्था हेतु अतिरिक्त गैस चूल्हा व सिलेंडर सोमवार तक उपलब्ध कराने के निर्देश पूर्ति विभाग को दिए। साथ ही उपजिलाधिकारी धारचूला को क्षेत्र के प्रत्येक आपदा प्रभावित परिवार को राहत राशि अहैतुक राशि एक ही दिन में वितरण करने को कहा। उन्होंने ग्राम मोरी में 24 परिवार जिन्हें भवन की क्षति हुई है, उन परिवारों समेत अन्य गांवों के सभी प्रभावित परिवारों को जिनके भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी राहत राशि एक ही दिन में वितरित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी द्वारा लुमती, बगीचा बगड़, मोरी आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर आपदा प्रभावितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी। इस दौरान ग्राम प्रधान मेतली रुकमा देवी द्वारा गांव की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन का शीघ्र निर्माण करने समेत अन्य समस्याएं रखी गई। क्षेत्र वासियों द्वारा सुरक्षा दीवार का निर्माण करने, संपर्क मार्ग व पैदल पुलिया बनाए जाने, पेयजल की समुचित ब्यवस्था किए जाने के साथ ही विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी गई।

इस दौरान ग्राम लुमती के तोक भोटिया खेड़ा वासियों द्वारा खतरे में आए घरों की सुरक्षा हेतु तटबंध के साथ ही सुरक्षात्मक कार्य करने की मांग जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिलाधिकारी ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान सभी आपदा प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि उन्हें हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।

इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा ग्राम लुमती एवं तल्ला मोरी के बीच भारी मलवा आने के कारण गोरी नदी में बनी झील का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई को शीघ्र ही नदी में बनी झील को हटाए जाने का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

आपदा प्रभावित क्षेत्र में लगभग 20 किलोमीटर पैदल चल कर जिलाधिकारी द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर विभागों को पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बीआरओ द्वारा दुगड़ी गाड़ में बनाए जा रहे वैली ब्रिज का भी निरीक्षण किया गया। बीआरओ के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया कि उक्त पुल को सोमवार देर सायं तक स्थापित कर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी धारचूला को निर्देश दिए कि क्षेत्र में प्रत्येक आपदा प्रभावित को क्षति का मुआवजा समय पर मिले। इस हेतु अतिरिक्त राजस्व टीम तैनात कर सर्वे का कार्य करें। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारी को भी ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग पुलिया आदि का भी शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

उन्होंने वर्तमान में बरम से मदकोट तक बंद सड़क मार्ग जिसे पीएमजीएसवाई द्वारा खोली जा रही है, उक्त कार्य का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया। उन्होंने अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई को शीघ्र सड़क मार्ग को खोलने के निर्देश दिए।

इस दौरान ड्रोन कैमरे के माध्यम से क्षेत्र में हुई क्षति का भी आंकलन किया गया ताकि उसी के अनुरूप पुनर्निर्माण के कार्य आदि किए जाएंगे।

क्षेत्र भ्रमण के दौरान बीआरओ के कमाण्डर कर्नल सोमेंद्र बैनर्जी, उप जिलाधिकारी धारचूला ए के शुक्ला, अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग आर एस धर्मशक्तू, सिंचाई फरहान खान, पीएमजीएसवाई किशन सिंह ऐरी, पेयजल निगम, जल संस्थान समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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