पिथौरागढ़ प्रसासन द्वारा आपदाग्रस्त क्षेत्र में हैलीकॉप्टर की मदत से विभिन्न क्षेत्रों में फंसे व्यक्तियों को किया गया रेस्क्यू ,पंहुचाई खाद्य सामग्री

दीपक जोशी की रिपोर्ट;

पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र के तहसील मुन्स्यारी बंगापानी एवं धारचूला क्षेत्र में आई भीषण वर्षा से जन व पशु हानि के साथ ही जन जीवन प्रभावित हो जाने के उपरांत क्षेत्र में लगातार खोज, बचाव एवं राहत कार्य जारी है।

शनिवार को जिलाधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदण्डे ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन करवाया।

हैलीकॉप्टर के माध्यम से तहसील बंगापानी के विभिन्न गांवों में फसे व्यक्तियों को निकाले जाने हेतु रैस्क्यू कार्य किया गया। हैलीकॉप्टर के द्वारा बंगापानी से घायल महिला कलावती देवी को धारचूला पंहुचाया गया, जहां समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धारचूला में उनका उपचार किया जा रहा है।

वहीं हैलीकॉप्टर के माध्यम से ही आपदा प्रभावित गांवों में कुल 85 खाद्यान्न पैकेट, 10 तिरपाल, 1 बड़ा टैन्ट के साथ ही अन्य राहत सामग्री पहुचाने के साथ ही विभिन्न गावों से कुल 25 प्रभावित व्यक्तियों को बरम राहत कैम्प में लाया गया। जिसमें से 15 महिलाएं, 4 पुरूष व 6 बच्चे सामिल रहे। कुल 8 सौर्टी में लाए गए।

जिलाधिकारी व क्षेत्रीय विधायक हरीश धामी द्वारा बरम में आपदा प्रभावितों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी। जिलाधिकारी ने सभी आपदा प्रभावितों को आस्वस्त किया कि उन्हें प्रशासन की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान उन्होंने उप जिलाधिकारी धारचूला को क्षेत्र में संचालित सभी राहत कैम्पों में आवश्यक ब्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित तक राहत अवश्य पंहुचाने के साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों में रखा जाय।

इसके अतिरिक्त राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेरा में बनाए गए शिविर में 189, बरम में 109, जी आई सी मवानी दवानी में 33, प्राथमिक विद्यालय मवानी दवानी में 10 तथा जारा जीबली के प्राथमिक विद्यालय में 33 आपदा प्रभावितों को रखा गया है जिनके भोजन आदि की ब्यवस्था प्रशासन द्वारा की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा शनिवार को भी प्रभावित क्षेत्र में तैनात रहकर प्रभावितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा उपलब्ध कराई गई।

बीआरओ द्वारा सड़क मार्ग को खोले जाने के साथ ही चामी में दुगड़ी गाड़ में वेलीब्रिज स्थापित किए जाने हेतु सामग्री की आपूर्ति के साथ ही निर्माण का कार्य शनिवार को भी जारी रखा।
आपदा प्रभावित क्षेत्र में सेना, एन डी आर एफ, एस डी आर एफ, पुलिस व राजस्व पुलिस कुल 96 राहत कर्मियों द्वारा राहत कार्य जारी रखा।

क्षेत्र के ग्राम जारा जीबली के तोक समालगांव की लापता हीरा देवी पत्नी कुशल सिंह उम्र 45 वर्ष, ग्राम धामी गांव की लापता महिला विशना देवी पत्नी हयात सिंह उम्र 55 वर्ष एवं ग्राम टांगा में लापता महिला पार्वती देवी पत्नी जीत राम की खोजबीन का कार्य जारी रखा गया।

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को निर्देश दिए हैं कि तहसील मुन्स्यारी, बंगापानी व धारचूला के आपदा प्रभावित क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ ही रिस्टोरेशन के कार्य तेजी से किए जाय। साथ ही क्षति का भी आंकलन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाय, ताकि प्रभावितों को सहायता वितरित की जा सके।

जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावित तहसील मुन्स्यारी अंतर्गत 24 लाख 31 हजार रुपये, तहसील बंगापानी क्षेत्र अंतर्गत 19 लाख 26 हजार रुपये तथा तहसील धारचूला अंतर्गत 8 लाख 6 हजार रुपये, कुल 51लाख 82 हजार रुपये की राहत राशि 19 जुलाई 2020 के उपरांत आपदा प्रभावितों में वितरित कर दी गई है।

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