पिथौरागढ़ में पिरूल (चीड़ की पत्तियां) एवं अन्य प्रकार के ईंधनों से विद्युत उत्पादन द्वारा रोजगार के अवसर तथा राज्य की ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए हुई अनुश्रवण समिति की बैठक

दीपक जोशी की रिपोर्ट;

पिथौरागढ़: उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रख्यापित पिरूल (चीड़ की पत्तियां) एवं अन्य प्रकार के ईधनों से विद्युत उत्पादन नीति-2018 के अन्तर्गत परियोजनाओं की स्थापना हेतु तृतीय चरण में जानकारी प्रदान किये जाने के संबंध में सोमवार को विकास भवन सभागार पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नियोजन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में वरिष्ठ परियोजना अधिकारी उरेडा ए.के शर्मा द्वारा पिरूल (चीड़ की पत्तियां) एवं अन्य प्रकार के ईंधनों से विद्युत उत्पादन नीति-2018 के सम्बन्ध में जानकारी दी गयी। जिसके अन्तर्गत तृतीय चरण में पिरूल आधारित विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की स्थापना हेतु योग्यता एवं शर्तें तथा परियोजना के लिए आवेदन किये जाने हेतु अन्य आवश्यक जानकारी प्रदान की गयी।

शर्मा द्वारा बताया गया कि योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में ग्रीष्मकाल में चीड़ की पत्तियों से होने वाली वनाग्नि की रोकथाम के साथ ही स्थानीय निवासियों को चीड़ से विद्युत उत्पादन कार्य द्वारा रोजगार के अवसर तथा राज्य की ऊर्जा की आवश्यकताओं को पूर्ण करना है।बैठक में उपस्थित महाप्रबन्धक, जिला उद्योग केन्द्र के द्वारा परियोजना हेतु उद्योग विभाग द्वारा अनुमन्य अनुदान के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान करने के साथ ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की भी जानकारी दी गई। जिला लीड बैंक अधिकारी द्वारा योजनान्तर्गत बैंकों के माध्यम से ऋण सम्बन्धी जानकारी प्रदान करते हुए बैंकों से यथोचित सहयोग प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए पूर्ण सहायता प्रदान करने का आश्वास्त दिया गया। उस कार्य को प्रारम्भ करने जा रहे जनपद के डीडीहाट तहसील निवासी दीवान सिंह देउपा, द्वारा योजना निर्माण सम्बन्धी अपने अनुभव साझा करते हुए उपस्थित प्रतिभागियों को इस योजना हेतु अधिकाधिक संख्या में आगे आकर परियोजना स्थापित किये जाने हेतु प्रेरित किया गया। उनके द्वारा अवगत कराया गया कि माह जुलाई 2020 के अन्त तक उनके प्लान्ट से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ करा दिया जायेगा।

बैठक में जिलाधिकारी ने पिरूल क्षेत्रों में स्थापित हो सकने वाली परियोजनाओं के सम्बन्ध में इच्छुक विकासकताओं एवं स्वयं सहायता समूहों आदि को स्वयं एवं अपने क्षेत्र के अन्य जन-मानस तक इस परियोजना से होने वाले लाभ की जानकारी प्रदत्त करते हुये परियोजनाओं की स्थापना हेतु प्रेरित किया गया तथा योजना की जानकारी पंहुचाने का अनुरोध किया गया।

बैठक में अधिशासी अभियन्ता विद्युत नितिन गर्खाल, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र कविता भगत, प्रबन्धक जिला अग्रणी बैंक पिथौरागढ़ अमर सिंह, सदस्य जिला पंचायत जगत सिंह मर्तोलिया, नंदन बाफिला, दिवाकर रावल, अंजू लुंठी, अंजली कोहली, उद्यमी दीवान सिंह दयोपा समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।

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