लोन सस्ता, लोन की ईएमआई को 3 महीने तक राहत की सलाह-आरबीआई गवर्नर, पीएम बोले…..

नई दिल्ली: कोरोनावायरस के चलते और उसके आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए भारत सरकार के बाद अब भारतीय रिजर्व बैंक ने भी एक बड़ा कदम उठाया है। लॉकडाउन के बीच हुई मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद रेपो दर को 5.15 प्रतिशत से घटाकर 4.4 प्रतिशत करने की घोषणा की गई, यानि 0.75 प्रतिशत कटौती की है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि रेपो दर में कमी से कोरोना वायरस महामारी के आर्थिक प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी। मौद्रिक नीति समिति के 6 सदस्यों में से चार ने इस कदम के पक्ष में वोट किया है। इससे होम लोन समेत अन्य कर्जों की ईएमआई में कमी आने की उम्मीद है। अब रिवर्स रेपो रेट 4 प्रतिशत होगा।

वहीं, रिवर्स रेपो रेट में भी 90 आधार अंक यानी 0.90 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की गई है। अब रिवर्स रेपो रेट 4 प्रतिशत होगा। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सीआरआर में कटौती, रेपो दर समेत अन्य कदम से बैंकों के पास कर्ज देने के लिए 3.74 लाख करोड़ रुपये के बराबर अतिरिक्त  नकद धन उपलब्ध होगा।

आरबीआई गवर्नर ने यह भी बताया कि नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) में 1 प्रतिशत की कटौती का फैसला लिया गया है। सीआरआर 3 प्रतिशत पर आ गया है। इस कदम से वित्तीय प्रणाली में पर्याप्त पूंजी सुनिश्चित होगी। कैश रिजर्व रेशियो वह राशि है जो वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक के पास रखना अनिवार्य होता है। दास ने कहा कि इस कदम से बैंकों के पास 1,37,000 करोड़ रुपये की पूंजी आएगी।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने अनिश्चित आर्थिक माहौल को देखते हुए अगले साल के लिये आर्थिक वृद्धि, मुद्रास्फीति के बारे में अनुमान नहीं जताया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा और उन्होंने वैश्विक मंदी की आंशका जताई है. हालांकि, आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ रेट और महंगाई रेट को लेकर आंकड़े नहीं जारी किए हैं ये पहली बार है जब आरबीआई ने आंकड़े पेश नहीं किए हैं।

आरबीआई गवर्नर ने बताया कि कैश रिजर्व रेशियो में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती करके 3 प्रतिशत कर दिया गया है जो यह एक साल तक की अवधि के लिए किया गया है।

आरबीआई गवर्नर के मुताबिक सभी कमर्शियल बैंकों को ब्याज और कर्ज अदा करने में 3 महीने की छूट दी जा रही है जिससे 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी सिस्टम में आएगी।

आरबीआई गवर्नर ने इसके साथ ही लोगों से डिजिटल बैंकिंग की सलाह भी दी है और साथ ही ये भी कहा कि बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित और मजबूत है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आरबीआई के फैसले को इकोनॉमी के लिए अहम बताया है। उन्होंने कहा कि RBI ने हमारी अर्थव्यवस्था को कोरोनावायरस के प्रभाव से बचाने के लिए यह बड़े कदम उठाए हैं। इन घोषणाओं से तरलता में सुधार होगा, बचत होगी, मध्यम वर्ग और कारोबारी वर्ग को मदद मिलेगी।

 

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