शहीद राकेश डोभाल की अंतिम यात्रा में ऋषिकेश में उमड़ा जनसैलाब, पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग में हुए थे शहीद

ऋषिकेश:  जम्मू कश्मीर के बारामूला में पाक गोलाबारी में शहीद हुए बीएसएफ के शहीद सब इंस्पेक्टर राकेश डोभाल को नम आंखों से विदाई दी गई। इस दौरान भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। बीएसएफ के जवानों ने पूर्णानंद घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया, उसके बाद पूर्णानंद घाट पर शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। उनके छोटे भाई मयंक डोभाल ने मुखाग्नि दी। 
गमगीन माहौल में उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया। मूल रूप से पौड़ी जिले के पौड़ी ब्लॉक के इडवालस्यूं पट्टी के कंडारी गांव निवासी राकेश डोभाल (37) का पार्थिव शरीर सुबह सवा आठ बजे उनके गंगानगर स्थित गणेश विहार पहुंचा। घर में जवान का पार्थिव शरीर पहुंचते ही कोहराम मच गया। घर में उनकी पत्नी मां का रो-रोकर बुरा हाल था हर कोई परिजनों को ढांढस बंधा रहा था। इस दौरान शहीद राकेश की पुत्री दिव्या ने भी बीएसएफ के जवानों से बातचीत की। बड़ी होकर फौज में भर्ती होकर पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात कही।
सुबह साढ़े नौ बजे से उनके घर से अंतिम यात्रा शुरु हुई। यह यात्रा परशुराम चौक, हरिद्वार रोड, नगर निगम होते हुए चंद्रभागा पुल होते हुए पूर्णानंद घाट पर पहुंची। इस दौरान हर चौक चौराहों पर लोग शहीद को पुष्पांजलि अर्पित करते रहे। व्यापारियों ने भी दुकानों के आगे खड़े होकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए काफी बड़ा जनसैलाव उमड़ा। दोपहर साढ़े 12 बजे अंतिम यात्रा पूर्णानंद घाट पर पहुंची। दिल्ली से आए बीएसएफ के 7 जवानों ने सशस्त्र सलामी दी व 3 राउंड में 21 फायर किए।