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न्यायाधीश बनाने की संस्तुति पर राष्ट्रपति के आदेशों की लगी मुहर

नैनीताल: देश के राष्ट्रपति के आदेशों के क्रम में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय की ओर से नैनीताल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे नारायण सिंह धानिक, रमेश चंद्र खुल्बे तथा सर्वोच्च न्यायालय के सेक्रेटरी जनरल रवींद्र मैठाणी को उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई है। शुक्रवार को संयुक्त सचिव राजेंद्र कश्यप के हस्ताक्षरों से जारी सूचना उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुंची। शीघ्र ही उनकी शपथ ग्रहण की प्रक्रिया होगी।बता दें कि बीती 31 अक्तूबर को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई तथा न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर तथा न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ की कोलेजियम ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के जज के रूप में न्यायाधीश न्यायमूर्ति नारायण सिंह धानिक, रमेश चंद्र खुल्बे तथा रवींद्र मैठाणी के नामों की संस्तुति की थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई 2018 को उत्तराखंड हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति की ओर से उक्त तीनों को उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाने की संस्तुति पर मुहर लगाई थी।शुक्रवार को देश के राष्ट्रपति की ओर से उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की गई। संबंधित कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने के दिन से मान्य होगा। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेंद्र कश्यप के हस्ताक्षरों से जारी अधिसूचना शुक्रवार को हाईकोर्ट पहुंची। ज्ञात हो कि उच्च न्यायालय में नौ नियमित (न्यायिक कोटे) तथा दो तदर्थ न्यायाधीशों के पद हैं। उक्त तीन नियुक्तियों के बाद उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या स्वीकृत 9 पदों के सापेक्ष पूरी हो चुकी है। इसके बाद दो तदर्थ पद ही शेष रह गए हैं।

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