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जेएनयू कैंपस में लगे देशविरोधी नारेबाजी मामले में 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल, कल होगी सुनवाई

नई दिल्ली: 2016 में जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय (जेएनयू) में हुई देशविरोधी नारेबाजी के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। दिल्‍ली पुलिस की ओर से 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई है। दिल्ली पुलिस की ओर से दायर की गई चार्जशीट पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है।

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए, 323, 465, 471, 143, 149, 147, 120बी के तहत चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कन्‍हैया कुमार, उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य, आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, राया रसूल, बशीर भट्ट समेत अन्‍य लोग आरोपी बनाए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, 1200 पेज के इस आरोप पत्र में तीन से ज्यादा फोरेंसिक रिपोर्ट, तकनीक साक्ष्य शामिल किये गए है। इसमें बयान और मैसेज का ब्यौरा भी शामिल है। दिल्ली पुलिस की आतंकवाद रोधी इकाई, स्पेशल सेल ने 10 से 15 ऐसे बाहरी छात्रों की लिस्ट दिया है जिन्होंने जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाए थे।

इधर कन्‍हैया कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं मोदी और पुलिस का धन्‍यवाद देना चाहता हूं। उन्‍होंने कहा कि घटना के तीन साल बाद जब चुनाव नजदीक आ गए हैं तब चार्ज शीट दाखिल की गई है। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ होता है कि यह राजनीति से प्रेरित है। उन्‍होंने न्‍याय व्‍यवस्‍था पर भरोसा जताते हुए कहा कि मुझे अपने देश की न्यायपालिका पर भरोसा है।

इतना ही नही आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयो से जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों ने देश विरोधी नारेबाजी की। ये अभी लोग उस दिन जेएनयू परिसर में मौजूद थे। जिस दिन यह घटना घटी थी।

बता दें कि 9 फरवरी 2016 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था कि इसमें कुछ छात्र अपना चेहरा छिपाए देश विरोधी नारे लगा रहे थे। ये लोग संसद पर हमले के आरोप में फांसी पर चढ़ाए गए अफजल गुरु के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। जहां यह प्रदर्शन हो रहा था। वहां जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे। जिसके बाद इस मामले में जेएनयू प्रशासन ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित किया था।

इस समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जेएनयू परिसर में बाहर से आए छात्रों ने देश विरोधी नारेबाजी की थी। रिपोर्ट आने के कुछ दिन बाद दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में दिल्ली हाइकोर्ट ने सभी को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दी थी।

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